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Thursday, May 16, 2019

विद्यार्थी

मै आने वाले कल का सार्थी हूँ।
मैं एक विद्यार्थी हूँ।
मुझ मे कोई अंश नहीं है भय का।
लेकिन मैं लालिमा जरूर हूँ सूर्योदय का।।

इस जग को पार करने मे।
हमने तैराकी सीखा है।
कितनो को तो हमने।
नौका से पार होते देखा है ।।

अपने परिवार के खुशी का लोर हूँ मैं।
दुनिया संग अपने घर का भोर हूँ मै।
इस अँधेरे रात मे प्रकाश का आभाव हूँ मै।
लेकिन दीपक के ज्योति सा प्रभाव हूँ मैं ।।

विद्यार्थी का सीखना सर्वप्रथम धर्म है।
केवल ज्ञान अर्जित करना ही हमारा कर्म है।
सबकुछ धन नहीं ,यह हमारा भ्रम है।
फिर भी हमारे देश मे अवसर के क्या क्रम है ।।

अब बेरोजगारी नहीं,
रोजगार मे घटाव दिखाई दे रहा है ।
हमारी सरकार से केवल ,
बचाव सुनाई दे रहा है ।

यह कहने के लिए ,मैं क्षमाप्रार्थी हूँ ।
क्योंकि मैं एक विद्यार्थी हूँ ।
मै आने वाले कल का सार्थी हूँ।
मैं एक विद्यार्थी हूँ।
मुझ मे कोई अंश नहीं है भय का।
लेकिन मैं लालिमा जरूर हूँ सूर्योदय का।।
                                  गुंजन द्विवेदी

Thursday, February 21, 2019

भाग्य (कविता)

ज्ञान की बोछार मे
भीगा आज विश्वास है।
कर्म की आड़ मे
पहचाना तु भाग्य है।।

किसी महान की रचना मे
तु देर लेकिन दुरूस्त है।
इस परिणाम के पीछे
तु राज बहुत जबरदस्त  है।।

सफलता तक पहुँचने से पहले
करनी  पडेगी तम्हारी उपासना
आज भी प्रभु तुम्हारी
हर प्राणी मे है वासना।।

जाने कब मेरे अक्षरो को
शब्द मिलेंगे ।।
जहाँ मेरे सपनों के
घर रहेंगे ।।

मेरे पन्नों पर भी
एक कहानी होगी
मेरी पहचान भी
अब न अनजनी होगी ।।
                                
ज्ञान की बोछार मे
भीगा आज विश्वास है।
कर्म की आड़ मे
पहचाना तु भाग्य है।।
                             गुंजन द्विवेदी

Friday, October 5, 2018

Mentality (मानसिकता) जीवन मे मानसिकता का उपयोग ।

मानसिकता का तात्पर्य लोगों के सोचने , विचारने  के प्रारूप से है । लोगों के काम भी इसी उनकी मानसिकता पर निर्भर है कोई चाह कर भी किसी दुसरे व्यक्ति के काम ,बुरे आदतें को सुधार नही सकता केवल उसे सही मार्ग दिखाया जा सकता है लेकिन उस मार्ग पर चलना , सही तरीके से काम करना, बुरे आदतों को छोड़ना केवल उसके मानसिकता पर निर्भर हैं। व्यक्ति जिस विषय पर जैसी मानसिकता रखेगा वैसे ही उस पर कार्य करेगा।

हम मानसिकता को इस उदाहरण से आसानी से समझ सकते है कि जब सर्कस मे हाथी के बच्चे को पकड़ कर लाया जाता है तो उसे चैन से बाधँ कर रखा जाता हैं । चैन मजबूत होने के कारण उस समय वह उसे नही तोड़ पाता औऱ उसकी यह मानसिकता बन जाती हैं कि वह उससे नही टुटेगा । लेकिन मजेदार बात तो यह है कि कुछ साल बाद जब वह एक विशाल शक्तिशाली हाथी बन जाता है तब भी वह उसे नही तोड़ पाता जबकि उसके लिए वह एक कच्चे धागे के समान है । इसका कारण उसकी अपरिवर्तित मानसिकता है जिसमें चैन उससे मजबूत है औऱ वह उसे तोड़ने का प्रयास भी नही करता ।

आज के वर्तमान समय मे सभी लोगो की मानसिकता केवल अधिक से अधिक आय अर्जित करने की है लेकिन यह हमलोगो की भूल है । अर्थ केवल जीविका पार्जन के लिए ही एकत्रित किया जाता है। इस संसार मे आए औऱ अपनी मिली जिदंगी जी कर मर जाना यही जीवन नहीं हैं ब्लकि हम इस समाज मे कुछ विशेष गुण लेकर पैदा होते है औऱ जाते जाते हमें इस समाज के जनकल्याण के लिए कुछ देकर जाना होता हैं । हमें जीवन के मानसिकता के तौर पर ऐसा ही कुछ लक्ष्य रखना चाहिए अगर हम सब की मानसिकता इसी प्रकार की हो तो हम संसार को अति तिव्र गति से विकसित कर सकते है । मेरे अनुसार जैसे हम आज जितने भी प्रकार के सुविधा का उपयोग  कर रहे है उन सभी के निर्माताओ  , जनको का जीवन सफल हो चुका है । अब हमारी बारी है , कि हम अपने जीवन को सफल  कैसे बनाते है औऱ अगली पीढ़ी को क्या देते है ।

हमें जरूरत हैं अपनी मानसिकता केवल आय से हटाकर अन्य क्षेत्रों के प्रयोग मे लाने की जैसे - बेरोजगारों को रोजगार दिलाना , गरीबो को ऊपर उठने मे मद्द़ करना , जिन बच्चो को शिक्षा जैसी सुविधा नहीं मिल रही उनको शिक्षा उपलब्ध कराना । कुछ बड़ा अविष्कार करने की बात बाद मे पहले हम इन छोटे छोटे कामों को कर के हम अपना जीवन सफल बना सकते है ।

                                गुंजन द्विवेदी

Saturday, September 29, 2018

How to give good care to your children (उन्हें motivate कैसे करे )☺ अपने बच्चे को अच्छी परवरिश कैसे दे ।

How to give good care to your children (उन्हें motivate कैसे करें ।)👍👍
अपने बच्चे को अच्छी परवरिश कैसे दे।

हम अपने बच्चों के भविष्य को लेकर बहुत अधिक चिंतित रहते है । जिसके के लिए हम परेशान रहते है कि हम उनकी परवरिश कैसे अच्छे से अच्छे ठगं से करें। इसके लिए हमे उन पर कोई भार डालने की जरूरत नही है बस केवल उन्हे प्यार से समझाने की जरूरत है। मेरा कहने का मतलब है उन्हे आप IAS, IPS ,Engineer, Doctor बनने के लिए कोई तनाव न दे बल्कि उन्हे आप उनके जीवन के बारे मे बताए ।

  Five tips for motivate your child

1.    उन्हे समझाए कि हमारा जीवन क्या है।
       हमारा जीवन हमारे लिए कितना उपयोगी है।                         अगर हम इस  धरती पर कुछ बडा किए बिना ही मर गए तो हमें सब भूल जाऐगे  लेकिन अगर कोई ऐसा काम  हम कर दे जिससे हम मरने के बाद भी याद रखे जाए तो कितना अच्छा हो । उन्हे इस दुनिया मे मशहूर होने के लिए प्रेरित करें वह स्वयं ही अपना रास्ता ढूंढने लगेगा। इसके लिए आप उन्हे कुछ हमारे समाज के महापुरूष का उदहारण देकर समझा सकते है।

2. इसके बाद उनमे positive energy का विकास करे । उन्हे विश्वास दिलाए कि वह जो कुछ भी करना चाहते है ,जो बनना चाहते है बन सकते है । उनके हिम्मत को सदैव बढाए । इसके कारण वह अपना लक्ष्य चुनेगे।

3. Time (समय) का महत्व करना सिखाए । किसी भी सफलता के लिए समय के साथ चलना अति आवश्यक हैं । इसके साथ साथ उन्हें नियमित रूप से कार्य करने के लिए कहे।

4.   उनकी हर छोटी बडी सफलता पर प्रोत्साहित       करे ।
5.  उन्हें आलस त्याग के लिए अग्रसर करे ।

Tuesday, September 25, 2018

मेरी जीत

किसी को पाना ,इतना आसान नहीं होता।

किसी को समझा पाना , आसान नहीं होता।

सितारों को चमकने के लिए भी, रात चाहिए।

मुझे भी इस जग को जीतने के लिए ,

तुम्हारा साथ चाहिए।

शायद तुम समझ पाते।

हम वो सब, तुम से कह पाते।

जो भावनाऐंं , नई उमंगे लिए अंदर ही रहती है।

चाह कर भी , बाहर नही निकलती है। 

साँस लेकर , सब कुछ सहता हूँ।

सब देखकर ,कुछ नहीं  कहता हूँ।

पर विश्वास है मुझे, वह वक्त आऐगा ।

जब सब कोई मुझे समझ पाऐगा ।

जैसे हर दिन के बाद रात आएगी।

तुम्हारी जुबान पर हर बार मेरी बात आएगी।

तुम चाह कर भी अपने आपको ,

नही रोक पाओगे ।

बिना पुछे ही सब कुछ कह जाओगे।

काश , मैं तुम्हें विश्वास दिला पाता ।

अपने सपनों की दुनिया मे घुमाने ले जाता। 

वैसे तो लिखने  का शौक नहीं है मुझे,

 वह तो लिख दिया हमने कुछ कहने को तुझे 

इसमें गलती नहीं है हमारी

 जिस से घायल हुए हम 

वह नजरें थी तुम्हारी 

समझ नहीं आ रही थी कौन सी है बीमारी 

क्योंकि याद बहुत आती थी तुम्हारी

 इसी बीच कभी कभी आंसू भी निकला करते थे 

शायद इसलिए कुछ लिख दिया करते थे 

अब रोने की जरूरत नहीं पड़ती है 

क्योंकि दिल जैसी टोकरी में रखी अब डायरी ही सहती है. 

जब उदास  हो उसे पढ़  करता हूं 

या कभी रोना आए एक और पेज भर  दिया करता हूं

 तुम्हारा साथ न होते हुए भी ,

होने की कल्पना करता हूँ।

जवाब जानते हुए भी,  

तुम्हें पाने की इच्छा जाहिर करता हूँ ।

अगर तुम्हें न पा सका,

 तो जीवन रस अधुरा रहेगा।

किस्मत भी मुझे "सपनों का दिवाना "कहेगा ।।


Sunday, September 23, 2018

सपना सा सच

कभी कभी  सच ,सपना सा लगता है।
कोई गैर भी कभी,अपना सा लगता है।
अपनो ने साथ वही छोडा।
जहाँ देखा अकेला था।
सबकुछ विरोध मे होते हुए, हमने इसे नकारा था।
उस छण केवल ईश्वर ,नाम तेरा पुकारा था।
तकदीर मे लिखा, यह दिन आना था।
नही तो हमने, अपनो को अपना माना था।
कभी कभी  सच ,सपना सा लगता है।
कोई गैर भी कभी,अपना सा लगता है।
वही मेरा सहारा था।
जिसको डुबते तिनके सा,पहचाना था।
यह दिन न आता , सच सपना का आभास न होता।
जीवन मे ,दुखः निराशा का एहसास न होता।
जीवन मे, सुख दिन के बाद, दुखः रात न आता ।
तो आने वाला सुख, हमको रास न आता ।
कभी कभी  सच ,सपना सा लगता है।
कोई गैर भी कभी,अपना सा लगता है।
अगर वर्षा मे प्यास न हो।
गहरे समुन्र्द मे ऊँची लहरो का नाम न हो।
तो उसका कर्म अधुरा है।
 आने वाले कल का आगाज़ न हो।
इच्छा को कामयाबी की आवाज़ न हो।
तो उसकी चाहत अधुरी है ।
कभी कभी  सच ,सपना सा लगता है।
कोई गैर भी कभी,अपना सा लगता है
गुलाब के सुगंध संग काँटे न हो।
अगर जीवन मे सुख दुखः जैसा अंतर न हो।
तो हमारा जीवन अधुरा है।
क्योकि गर्मी के बाद ही , बरसात पुरा है।
कभी कभी सच, सपना सा लगता है।
कोई गैर भी कभी, अपना सा लगता है।sapna sa sach poem

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